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डायपर विशेष तरीके के पॉलीमर मटेरियल से बने होते हैं। इनमें सेलà¥à¤²à¥‹à¤œ, पॉलिपà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤¿à¤²à¥€à¤¨, पॉलिसà¥à¤Ÿà¤°, सà¥à¤ªà¤° à¤à¤¬à¤œà¥‰à¤°à¥à¤¬à¥‡à¤‚ट पॉलिमर (à¤à¤¸à¤à¤ªà¥€), पॉलिथिरीन शामिल हैं। इनमें डायपर में अलग-अलग लेयर में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। अंदरूनी और ऊपर की सतह में सोखने वाली होती है, जो मल-मूतà¥à¤° को सोख लेती है। थैलेट डायपर को लचीला और मजबूत बनाते हैं। हालांकि यह थैलेट पॉलीमर से बंधे नहीं होते हैं जिसके कारण यह पॉलीमर के जरिठआसानी से छोड़ दिठजाते हैं।
टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤•à¥à¤¸ लिंक में à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿ डायरेकà¥à¤Ÿà¤° (सह-निदेशक) सतीश सिनà¥à¤¹à¤¾ ने कहा कि थैलेट अंतःसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ तंतà¥à¤° की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बाधित करने वाले रासायनिक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के रूप में जाने जाते हैं जो अंतःसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ तंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ को सीधे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मोटापा और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ विकारों जैसे कई रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से यह बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हà¥à¤ˆ है कि तà¥à¤µà¤šà¤¾, डायपर से थैलेट का अवशोषण कर लेती है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि इसके अतिरिकà¥à¤¤ ये रसायन अपशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में जा सकते हैं और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ में à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं,â€à¥¤
डीईà¤à¤šà¤ªà¥€, बीबीपी, डीआईबीपी और डीबीपी नाम के थैलेटà¥à¤¸ खासतौर से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• खतरनाक हैं। इसलिठयूरोप और अमेरिका में इनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के खिलौनों, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के देखà¤à¤¾à¤² वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚, मेडिकल उपकरणों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित है। जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में डायपर की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ की जांच के लिठकोई तंतà¥à¤° और रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ नहीं है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मल-मूतà¥à¤° के गीलेपन से बचाने के लिठऔर सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से डायपर की मांग और उसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² तेजी से बढ़ रहा है। टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤• लिंक के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• नवजात से तीन वरà¥à¤· की उमà¥à¤° पूरी होने तक à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ पर सामानà¥à¤¯ तौर से कà¥à¤² 6300 डायपर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होते हैं, जिसकी कीमत 65 हजार रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से à¤à¤• लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक चà¥à¤•ानी पड़ती है। डायपर बनाने वाली कंपनियों में पीà¤à¤‚डजी का शेयर पचास फीसदी, यूनिचारà¥à¤® का 36 फीसदी, किंबले कà¥à¤²à¥‰à¤°à¥à¤• का 8 फीसदी, नोबल हाईजीन (टेडà¥à¤¡à¥€) का पांच फीसदी, अनà¥à¤¯ का à¤à¤• फीसदी है।
टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤• लिंक ने जिन 20 अलग-अलग कंपनियों के डायपर का परीकà¥à¤·à¤£ किया सà¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में कोई न कोई खतरनाक और विषैला थैलेट (2.36 पीपीà¤à¤® से 302.25 पीपीà¤à¤® रेंज तक) की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मिली है । 20 नमूनों में डीआईबीपी यानी डाई आईसोबà¥à¤¯à¥‚टिल थैलेट और बीबीपी यानी बेंजिल बà¥à¤¯à¥‚टिल थैलेट अपने तय सà¥à¤¤à¤° सीमा से नीचे या न के बराबर पाठगà¤à¥¤ हालांकि डीईà¤à¤šà¤ªà¥€ की मातà¥à¤°à¤¾ 2.36-264.94 पीपीà¤à¤® और डीबीपी की मातà¥à¤°à¤¾ 2.35 से 37.31 पीपीà¤à¤® तक पाई गई जो कि । डायपर में इन थैलेटà¥à¤¸ रसायन की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठबड़ा खतरा बन सकती है।
टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤•à¥à¤¸ लिंक के वरिषà¥à¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® समनà¥à¤µà¤¯à¤• पीयूष महापातà¥à¤°à¤¾ ने कहा कि यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अपनी तरह का पहला अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ है। इन थैलेट का विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ और सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में उपयोग, चरणबदà¥à¤§ रूप से समापà¥à¤¤ करने के लिà¤, विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठगठहैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में पांच सामानà¥à¤¯ थैलेट (डीईà¤à¤šà¤ªà¥€, डीबीपी, बीबीपी, डीईटीपी, डीà¤à¤¨à¤“पी और डीà¤à¤¨à¤ªà¥€) के लिठमानक à¤à¥€ तय किठहैं। लेकिन, हमारे देश में डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œà¥‡à¤¬à¤² बेबी डायपर के लिठà¤à¤¸à¤¾ कोई नियमन नहीं है।
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